निर्यात कारोबार को सरकार का सहारा
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बदलते हालात के बीच केंद्र सरकार ने निर्यात क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए राहत का कदम उठाया है। सरकार ने RoDTEP योजना को अब दिसंबर 2026 के अंत तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले से विभिन्न क्षेत्रों में सामान निर्यात करने वाली कंपनियों को मौजूदा व्यवस्था के तहत लाभ मिलता रहेगा।
RoDTEP के माध्यम से निर्यातकों को उन करों और शुल्कों की प्रतिपूर्ति की जाती है, जिनका लाभ किसी दूसरी सरकारी व्यवस्था के तहत वापस नहीं मिल पाता। इसका उद्देश्य भारतीय उत्पादों को विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करना है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक योजना की मौजूदा दरें और निर्धारित मूल्य सीमा फिलहाल पहले की तरह ही रहेंगी। यानी योजना की अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन इसके तहत मिलने वाली मौजूदा दरों में अलग से बदलाव नहीं किया गया है।
इस विस्तार का लाभ निर्यात गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न श्रेणियों की इकाइयों को मिलेगा। इनमें घरेलू टैरिफ क्षेत्र की इकाइयों के साथ-साथ SEZ, EOU और एडवांस ऑथराइजेशन के तहत आने वाले निर्यातक भी शामिल हैं।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव और परिवहन मार्गों से जुड़ी चुनौतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर असर पड़ रहा है। समुद्री माल ढुलाई, बीमा और लॉजिस्टिक्स की लागत में बदलाव से निर्यात कारोबार के सामने अतिरिक्त चुनौतियां पैदा हुई हैं।
RoDTEP की अवधि बढ़ने से निर्यातकों को आने वाले महीनों में कर-शुल्क से संबंधित मौजूदा सहायता व्यवस्था जारी रहने की उम्मीद है। सरकार की अन्य सहायता योजनाओं के साथ यह कदम वैश्विक बाजार में भारतीय निर्यात कारोबार को समर्थन देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
