उत्तराखंड में MBBS दाखिलों पर उठे सवाल, संदिग्ध प्रमाणपत्रों की जांच तेज
देहरादून, 3 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड में राज्य कोटे के तहत हुए MBBS दाखिलों में कथित फर्जी और संदिग्ध प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल को लेकर जांच तेज हो गई है। मामला सामने आने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं।
जांच के दौरान फ्रीडम फाइटर डिपेंडेंट कोटा समेत डोमिसाइल, श्रेणी और अन्य प्रमाणपत्रों को लेकर सवाल उठे हैं। सितंबर में चार MBBS दाखिले रद्द किए जाने की पुष्टि हुई थी। इनके संबंध में पुलिस में मामले भी दर्ज किए गए हैं।
इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। 28 सितंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार चिकित्सा विश्वविद्यालय ने पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 15 अभ्यर्थियों के अस्थायी MBBS प्रवेश रद्द किए। इन सीटों में हल्द्वानी, श्रीनगर, हरिद्वार, दून और अल्मोड़ा के सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
19 अभ्यर्थियों का आवंटन निरस्त
2 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले और दूसरे चरण में प्रवेश लेने वाले तथा फ्लोट विकल्प वाले अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज संबंधित जिलों को सत्यापन के लिए भेजे गए। जिलों से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर अब तक 19 अभ्यर्थियों के सीट आवंटन निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार MBBS सीटों का आवंटन ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत होता है। काउंसलिंग बोर्ड में 15 से अधिक सदस्य शामिल होते हैं और प्रवेश के समय मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
SIT कर रही मामले की जांच
फर्जी फ्रीडम फाइटर डिपेंडेंट प्रमाणपत्रों से जुड़े मामलों की जांच देहरादून पुलिस की SIT कर रही है। प्रशासन ने कुछ CSC केंद्रों को भी सील किया और कंप्यूटर तथा अन्य उपकरणों की जांच के लिए कब्जे में लिया है। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि किसी बड़े संगठित नेटवर्क के बारे में निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
इस मामले में कुछ शिकायतकर्ताओं ने बड़ी संख्या में डोमिसाइल और अन्य प्रमाणपत्रों की भी जांच की मांग की है। अधिकारियों ने ऐसे सभी दावों को सत्यापन के बाद ही सही या गलत मानने की बात कही है।
फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्ध प्रमाणपत्र कैसे जारी हुए, उनका सत्यापन किस स्तर पर हुआ और इनके आधार पर MBBS सीट हासिल करने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की व्यापक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
